Category Law & justice

रेल दुर्घटना में मुआवजे की 90 प्रतिशत राशि रोकना गलत

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटना में मौत या घायल होने पर रेलवे दावा अधिकरण की ओर से मुआवजे की 90 प्रतिशत राशि बैंक में एफडी करने और केवल 10 प्रतिशत राशि जारी करने की व्यवस्था को गलत माना है। कोर्ट…

डॉक्टर और अस्पताल रहेंगे उपभोक्ता संरक्षण कानून के दायरे में

सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना, न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश, न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की पांच जजों की पीठ ने कहा कि डॉक्टर और अस्पताल आगे भी उपभोक्ता संरक्षण कानून के तहत मरीजों के…

अवैध संतान को गोद ले सकता है हिंदू पुरुष : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकल पीठ ने कहा है कि कोई हिंदू पुरुष अपनी अवैध संतान को गोद ले सकता है। हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण पोषण कानून में जैविक पिता को अपनी ही अवैध संतान…

वसीयत रद्द करने के लिए ठोस सबूत जरूरी : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की एक पीठ ने कहा है कि रजिस्टर्ड वसीयत केवल संदेह या आरोपों के आधार पर रद्द नहीं की जा सकती। इसके लिए ठोस सबूत देना जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि वसीयत…

समय पूर्व सेवानिवृत्ति आदेश मनमाना : सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने संयुक्त सचिव पद पर पदोन्नति के महज दो महीने बाद अनुपयोगी बताकर जबरन सेवानिवृत्त किए गए भारतीय व्यापार सेवा के अधिकारी के समय पूर्व सेवानिवृत्ति के आदेश को रद्द करते हुए इसे मनमाना और दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से…

डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि नदी में डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में डूबने पर पानी के गले में प्रवेश करते ही दबाव…

78 वर्षीय पति को देना पड़ेगा गुजारा भत्ता : हाईकोर्ट

हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पत्नी के गुजारा भत्ते में बढ़ोतरी के खिलाफ दायर 78 वर्षीय पति की आपराधिक समीक्षा याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पति की बुढ़ापे की दलील खारिज करते हुए कहा कि 15 साल बाद 3,500…

एससी-एसटी होने से ही नहीं लग सकतीं धाराएं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने कहा है कि किसी व्यक्ति के अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति का सदस्य होने मात्र से एससी-एसटी एक्ट की धाराएं लागू नहीं हो जातीं। इस अपराध के लिए यह भी…

दुर्घटनावश मौत के लिए मकान मालिक जिम्मेदार नहीं : इलाहाबाद हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने कहा कि किराये के मकान में दुर्घटनावश मौत होने पर मकान मालिक को अपराधी के रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अभियोजन पक्ष…

बाल अपचारियों के सामाजिक जीवन को संवारने की जरूरत : हाईकोर्ट

इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस अजय भनोट की एकल पीठ ने कहा कि बचपन के गुनाहों की सबसे बड़ी सजा सामाजिक उपेक्षा है। बाल अपचारियों को सजा की नहीं, उनके उजड़े सामाजिक जीवन को सजाने संवारने की जरूरत है। पीठ…