
रिश्तेदार की गवाही भी विश्वसनीय
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अब्दुल शाहिद की एकल पीठ ने कहा कि रिश्तेदार होने के आधार पर किसी गवाह की विश्वसनीयता पर संदेह नहीं किया जा सकता। रिश्तेदार गवाहों के बयानों की सावधानी पूर्वक जांच की जानी चाहिए। यदि उनका बयान स्वाभाविक, विश्वसनीय और घटना के अन्य साक्ष्यों से पुष्ट है तो केवल रिश्तेदारी के आधार पर उसे खारिज नहीं किया जा सकता।
पीठ ने यह टिप्पणी बस्ती जिले के हत्या और मारपीट के मामले में दो दोषियों की अपील को खारिज करते हुए की है। ट्रायल कोर्ट ने दोनों आरोपियों को कारावास की सजा सुनाई थी।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



