
पत्नी की एफडी से रुपए निकालने की प्रक्रिया मनमानी
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पति के लोन के बकाए के लिए पत्नी की सावधि जमा (एफडी) से रुपए निकालने की प्रक्रिया को मनमाना और बैंकिंग प्रथाओं के लिए अभिशाप बताया है।
न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने लखनऊ निवासी नेहा मिश्रा की याचिका पर यह आदेश देते हुए भारतीय स्टेट बैंक को निर्देश दिया कि वह पत्नी को निकाली गई रकम ब्याज सहित चार सप्ताह में अदा करें। साथ ही एक लाख रुपए का भुगतान दंडात्मक मुआवजे के तौर पर भी करे।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



