
रिश्वत स्वीकार करने की बात साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत जरूरी
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि किसी कर्मचारी के नाम का हवाला देने वाले बिचौलिए को रिश्वत की रकम सौंप देना अपने आप में उस लोक सेवक की ओर से रिश्वत स्वीकार किए जाने का पर्याप्त सबूत नहीं है।
कोर्ट ने कहा कि यह साबित करना होगा कि रिश्वत की रकम आरोपी तक पहुंची या उसे देने के लिए थी। केवल बिचौलिए द्वारा रकम स्वीकार किए जाने से रिश्वत स्वीकार करने की बात साबित नहीं होती।
ADVERTISEMENT
CLIENT ADVERTISEMENT
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



