
पौष्टिक आहार की कमी का परिणाम है एनीमिया
एनीमिया एक ऐसी साइलेंट किलर बीमारी है जिसमें मरीज को थकान, सांस फूलने और चेहरे की संगत फीकी पड़ने जैसे से लक्षण हो सकते हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के अनुसार आगरा मंडल में महिला एनीमिया का स्तर गंभीर चिंता का विषय है। केवल आगरा में 59.4 प्रतिशत महिलाएं और गर्भवती एनीमिया की चपेट में हैं ।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार केवल आयरन की गोलियां खाना है काफी नहीं है, बल्कि पौष्टिक आहार से इस समस्या का समाधान हो सकता है। आगरा की लेडी लायल हाॅस्पीटल की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर आशु ने बताया कि एनीमिया केवल आयरन की कमी नहीं बल्कि, फोलिक एसिड, विटामिन बी 12 और विटामिन ए जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों के अभाव का परिणाम है। गर्भावस्था में इसका गंभीर असर मां और बच्चे पर पड़ता है।
डॉक्टर आशु ने बताया कि एनीमिया से बचाव के लिए गर्भवती महिलाओं को आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां दी जाती हैं। गंभीर स्थिति में आयरन सुक्रोज या एफसीएम के इंजेक्शन दिए जाते हैं।
जिला अस्पताल की वरिष्ठ डाइटीशियन ललितेश ने बताया कि एनीमिया से बचाव करना है तो महिलाएं भोजन के तुरंत बाद चाय और कॉफी का सेवन न करें। क्योंकि इनमें मौजूद टैनिन आयरन के अवशोषण को रोकता है। भोजन में पौष्टिक आहार को शामिल करना भी जरूरी है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



