
इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन महत्वपूर्ण आदेश-सार
## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता की एकल पीठ ने कहा कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद भर्ती नियमों में हुए बदलाव को पिछली तारीख से लागू कर अभ्यर्थी को नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने प्रयागराज की याची ज्ञान लता पाल की याचिका को स्वीकार करते हुए डिप्टी जेलर के पद पर हुई उनकी नियुक्ति को कार्यभार ग्रहण करने की तारीख से नियमित मानने और सभी परिणामी लाभ देने का आदेश दिया है।
## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सौरभ श्रीवास्तव की एकल पीठ ने कहा कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी आस्था और विश्वास का पालन करने की आजादी है। इसलिए किसी भी कर्मचारी को ऐसे निर्देश नहीं दिए जा सकते, जिससे उसकी धार्मिक या व्यक्तिगत भावनाएं आहत हों। पीठ ने यह आदेश आगरा के विक्रम सिंह उर्फ विश्व विक्रम सिंह की याचिका पर दिया है।
## इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार की एकल पीठ ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद व्यक्ति को जनजातीय रीति-रिवाज और सामाजिक जीवन से निरंतर जुड़ाव बनाए रखना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर उसे अनुसूचित जनजाति दर्जे का लाभ पाने का अधिकार नहीं रह सकता। हाईकोर्ट ने इस टिप्पणी के साथ रजिया उर्फ और दुलारिया की याचिका को निरस्त कर दिया।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



