
हत्या में दोषसिद्धि के लिए ठोस सबूत जरूरी : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने कहा कि केवल मृतक को पकड़ने की भूमिका के आधार पर किसी को हत्या का दोषी नहीं ठहराया जा सकता। अभियोजन पक्ष को साझा मंशा, पूर्व नियोजित योजना या आरोपियों के बीच पहले से की गई सहमति का ठोस सबूत प्रस्तुत करना आवश्यक है।
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पीठ ने इस टिप्पणी के साथ आरोपी इम्तियाज को हत्या के मामले में संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया। कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि इम्तियाज और मृतक फारूक के बीच हत्या के लिए पहले से कोई योजना या सांझा मंशा थी।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



