डीईआई के शोधकर्ताओं ने आंखों और हृदय की सेहत के लिए किए शोध

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आगरा के दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीईआई) के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने प्रकाश की मदद से कोशिकाओं की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली आधुनिक तकनीक पर दो अलग-अलग शोध किए हैं। इसके तहत काई और फूलों में पाए जाने वाले खास प्रोटीन का उपयोग किया गया है।
पहले शोध में बिना चश्मे के सामान्य व कम रोशनी में देखने की क्षमता बहाल करने की संभावना तलाशी गई है, जबकि दूसरे शोध में प्रकाश के जरिए हृदय की कोशिकाओं की विद्युत गतिविधियों को नियंत्रित करने का कंप्यूटर पर सफल अध्ययन किया गया है।
इंस्टिट्यूट के भौतिकी और कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर सुखदेव राॅय के निर्देशन में पीएचडी शोधकर्ताओं हिमांशु बंसल, गुरप्यारी, नृपेश दीक्षित और संत सरन ने अपने शोध में यह साबित किया है कि सीएचआर माइन और डब्ल्यू एसीएचआर प्रोटीनों का उपयोग करके बिना किसी विशेष चश्मे के सामान्य परवेशी प्रकाश में भी देखने की क्षमता बहाल की जा सकती है। इसका अर्थ यह हुआ कि मरीज घनी छांव में और चंद्रमा की रोशनी में भी बिना चश्मे के आसानी से देख सकेंगे।
प्रोफेसर राॅय ने बताया कि प्रकाश से कोशिकाओं को नियंत्रित करने की जिस ऑप्टोजेनेटिक्स तकनीक के लिए कार्ल डिसेरोथ, पीटर हेगमैन और जॉर्ज नागेल को वर्ष 2026 का चिकित्सा का नोबेल पुरस्कार मिला है, डीईआई के शोधकर्ताओं ने इस पर आगे का अनुसंधान किया है। उन्होंने बताया कि सीएच आर माइन प्रोटीन उच्च क्षमता वाला लाल-शिफ्टेड चैनलरोडोप्सिन प्रोटीन है जिसे प्राकृतिक स्रोतों से विकसित किया गया है‌। यह कम तीव्रता वाले लाल प्रकाश के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होता है। लाल प्रकाश शरीर की ऊतकों को आसानी से पार कर लेता है, जिससे रेटिना या मस्तिष्क जैसी भीतरी कोशिकाओं को बिना चीर-फाड़ के दृष्टि बहाल करने व सक्रिय करने में मदद मिलती है।
प्रोफेसर राॅय ने बताया कि डब्ल्यूआईसीएचआर प्रोटीन विशिष्ट प्रकाश संवेदी प्रोटीन है जो कोशिकाओं की विद्युत गतिविधियों को नियंत्रित या शांत करने का कार्य करता है। यह प्रकाश मिलने पर कोशिकाओं की अनियमित हलचल को रोकता है।
शोध के अनुसार यह हृदय की मांसपेशियों की अनियमित धड़कनों को नियंत्रित करने में भी मददगार है, जिससे भविष्य में प्रकाश से संचालित पेसमेकर का निर्माण किया जा सकेगा। इससे हृदय रोगियों को बार-बार पेसमेकर की बैटरी बदलने की आवश्यकता नहीं होगी।

Source: Newsline Features And Press Agency, Agra

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