
खुद को कानून से ऊपर समझती है पुलिस : इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस खुद को कानून से ऊपर समझती है। पुलिस को लगता है कि मनमानी करना उसका अधिकार है। उसकी गलतियों पर कोई सवाल नहीं उठाएगा, उठ भी गया तो बहानेबाजी से बच निकलेंगे।
इस सख्त टिप्पणी के साथ हाईकोर्ट ने गौतमबुद्ध नगर निवासी दीपक की प्रथम सूचना रिपोर्ट से पहले हिरासत सकता को गैर कानूनी करार दिया। साथ ही याची को तत्काल रिहा करने और एसीपी कमलेश कांत एवं विवेचनाधिकारी अनुज कुमार की सेवा पुस्तिका में प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज करने का आदेश दिया है।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस बार-बार कानूनी प्रक्रिया का पालन करने में विफल हो रही है। दस्तावेज महज औपचारिकता के तौर पर तैयार किए जाते हैं, जिनमें ऐसी गलतियां होती हैं जो हिरासत और गिरफ्तारी की वैधता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
इस मामले के तथ्यों के अनुसार संपत्ति विवाद में दो पक्षों के बीच हिंसक विवाद हुआ। पुलिस ने याची दीपक को 23 अगस्त की शाम करीब 4 बजे हिरासत में लिया, जबकि प्रथम सूचना रिपोर्ट उसी दिन रात 9:39 बजे दर्ज हुई। गिरफ्तारी 24 अगस्त को दोपहर 2:57 बजे दिखाई गई।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



