एएमयू में सर सैयद दिवस पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति ने जेन-जी को दिया संदेश

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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शनिवार 17 अक्टूबर को गुलिस्तान-ए-सैयद में यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की 209वीं जयंती मनाई गई। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति अगस्टीन जार्ज मसीह और इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह शामिल हुए।
न्यायमूर्ति मसीह ने अपने संबोधन में कहा कि अपने भविष्य को संवारने के लिए जेन-जी को खूब किताबें पढ़नी चाहिए और पढ़ाई पर फोकस करना चाहिए। इससे न केवल शब्दकोष बढ़ता है बल्कि भाषा का विस्तार भी होता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को सफलता हासिल करने के साथ असफलताओं का सामना करना भी सीखना चाहिए।
न्यायमूर्ति मसीह ने कहा कि जीतने वालों को तालियां मिलती हैं, हारने वालों को जिंदगी मिलती है। सर सैयद ने विरोध को अवसर में बदला। साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प के साथ सामना करना असफलताओं को भी उपलब्धि की सीढ़ियां बना सकता है।
मिंटो सर्किल के पूर्व छात्र रहे न्यायमूर्ति मसीह ने कहा कि शेरवानी सिर्फ एक परिधान नहीं है, बल्कि यूनिवर्सिटी की पहचान है। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह ने विद्यार्थियों से कहा कि गांवों की दशा पर शोध होना चाहिए क्योंकि गांवों में भारत बसता है।

Source: Newsline Features And Press Agency, Agra

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