
शरीर में डीएनए के बदलाव से गंभीर बीमारियों का होगा उपचार
अनुवांशिक बीमारियों के उपचार की दिशा में वैज्ञानिकों ने एक नई पहल की है। अमेरिका में पहली बार किसी व्यक्ति के शरीर के भीतर सीधे डीएनए में बदलाव करने के लिए प्राइम एडिटिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
यह उपचार विल्सन रोग से पीड़ित एक मरीज को दिया गया है। इस बीमारी में शरीर से अतिरिक्त तांबा बाहर निकालने की प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिससे यकृत और तंत्रिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जीन में खराबी को ठीक करने वाली यह तकनीक भविष्य में ऐसी बीमारियों के उपचार का नया रास्ता खोल सकती है। रिपोर्ट के अनुसार विल्सन रोग एटीपी7बी नामक जीन में बदलाव के कारण होता है। यह जीन ऐसा प्रोटीन बनाने का निर्देश देता है जो यकृत से अतिरिक्त तांबा बाहर निकलने में मदद करता है।
ADVERTISEMENT
CLIENT ADVERTISEMENT
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



