
अब हृदय की धड़कन से बनेगी बिजली
मानव हृदय की हर धड़कन को बिजली में बदलकर चिकित्सा उपकरणों को ऊर्जा देने की दिशा में वैज्ञानिकों ने नई उम्मीद जगाई है अमेरिका के एक विश्वविद्यालय के इंजीनियरों ने प्रयोगशाला में विकसित मानव हृदय ऊतक के भीतर सूक्ष्म विद्युत जनरेटरों की जाली तैयार की है। ऊतक के धड़कने पर इन जेनरेटरों ने विद्युत संकेत पैदा किए गए। यह तकनीक भविष्य में पेसमेकर और दूसरे प्रत्यारोपित चिकित्सा उपकरणों के लिए बैटरी पर निर्भरता कम कर सकती है।
विज्ञान पत्रिका में प्रकाशित शोध के अनुसार प्लास्टिक की बेहद पतली पत्तियों से एक जाली बनाई गई, जिसमें सीसा जिरकोनेट टाइटेनेट नामक सिरेमिक पदार्थ की 64 सूक्ष्म पत्तियां लगाई गईं । यह पदार्थ मुड़ने पर विद्युत वोल्टेज पैदा करता है। जाली का आकार लगभग 7 गुणा 8 मिलीमीटर है और इसका करीब 78 प्रतिशत हिस्सा खाली रखा गया है, ताकि जीवित ऊतक इसमें विकसित हो सकें।
वैज्ञानिकों के अनुसार इस तकनीक की खासियत केवल बिजली पैदा करना नहीं है, बल्कि धड़कन के साथ विद्युत संकेत उत्पन्न होने से जाली भविष्य में हृदय की धड़कन पर नजर रखने वाले सेंसर के रूप में भी काम कर सकती है।इसके लिए अलग बैटरी की जरूरत कम करने की संभावना है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



