
यूपी के 45 मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं का रोड मैप हाईकोर्ट में तलब
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने वेंटिलेटर और ऑक्सीजन युक्त बेड की कमी के कारण नवजात की मृत्यु के मामले में उत्तर प्रदेश राज्य सरकार को प्रदेश के सभी 45 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रोड मैप प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।
न्यायमूर्ति राजन राॅय को न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ल की खंडपीठ ने याची आशुतोष कुमार सिंह की जनहित याचिका पर यह आदेश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 10 दिसंबर 2026 को होगी।
याचिका के अनुसार जन्मजात जटिलताओं से ग्रसित नवजात को सुल्तानपुर के सरकारी स्वायत्त मेडिकल कॉलेज में सर्जरी की आवश्यकता थी, लेकिन वहां सर्जन उपलब्ध नहीं था। इस कारण शिशु को लखनऊ के केजीएमयू ले जाया गया, जहां ऑक्सीजन युक्त बेड नहीं मिला। डॉक्टर राम मनोहर लोहिया संस्थान और एसजीपीजीआई में भी बेड उपलब्ध नहीं होने की वजह से शिशु को भर्ती नहीं किया जा सका। अंततः 24 घंटे के भीतर शिशु की मृत्यु हो गई।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



