
स्वदेशी युद्धपोत मालवन नौसेना में शामिल
भारत में निर्मित माहे श्रेणी का दूसरा पनडुब्बी रोधी युद्धपोत आईएनएस मालवन बुधवार 15 जुलाई 2026 को कर्नाटक के कारवार में नौसेना में शामिल किया गया है। आधुनिक सोनार, टॉरपीडो और पनडुब्बी रोधी रॉकेट से लैस यह युद्धपोत दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगा कर उन्हें सटीक निशाना बना सकता है। साथ ही जरूरत पड़ने पर तटीय रक्षा के लिए समुद्री माइंस बिछाने में भी यह सक्षम है।
इस युद्धपोत में 80 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इस युद्धपोत का नाम नौसेना के पूर्व इनशोर माइनस्वीपर के सम्मान में रखा गया है। यह युद्धपोत 19 साल की सेवा के बाद वर्ष 2003 में सेवामुक्त हो गया था। युद्धपोत के शिखर चिह्न में बाघ नख अंकित है जो साहस, युद्ध कौशल, तेजी और आक्रामक क्षमता का प्रतीक है।
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Source: न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी



