
विश्व धरोहरों में अब सारनाथ भी शामिल
भगवान बुद्ध की स्थली सारनाथ को अब विश्व धरोहरों की सूची में शामिल किया गया है। इसके साथ ही सारनाथ भारत का 45वां और उत्तर प्रदेश का चौथा विश्व धरोहर स्थल बन गया है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में शनिवार 25 जुलाई को यह घोषणा की गई। इससे पहले उत्तर प्रदेश के ताजमहल, आगरा किला और फतहपुर सीकरी विश्व धरोहर सूची में शामिल किए जा चुके हैं।
सारनाथ को 3 जुलाई 1998 को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल किया गया था। यूनेस्को द्वारा मान्यता प्राप्त उस विश्व धरोहर संपत्ति में चौखंडी स्तूप और सारनाथ के पुरातात्विक अवशेष शामिल हैं। ये दोनों स्थल एक दूसरे से करीब 626 मीटर की दूरी पर स्थित हैं। सारनाथ में भगवान बुद्ध द्वारा ज्ञान प्राप्ति के बाद मानवता को करूणा, शांति एवं मध्यम मार्ग का अपना पहला उपदेश देकर धर्मचक्र प्रवर्तन का शुभारंभ किया गया था।
Source: न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी



