
विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अनुकंपा नियुक्ति की नीति में विवाहित बेटियों को बाहर नहीं रखा जा सकता। केवल तलाकशुदा या पति द्वारा छोड़ी गई बेटियों को पात्र मानकर अन्य विवाहित बेटियों को अलग रखना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 में प्रदत्त समानता के अधिकार का उल्लंघन है।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना वी वराले की खंडपीठ ने कहा कि बेटे और बेटी के बीच अंतर करने वाला कोई भी वर्गीकरण अपने आप में असंवैधानिक है। अनुकंपा नौकरी के लिए पात्रता को केवल तलाकशुदा या परित्यक्त बेटी तक सीमित करने वाले वर्गीकरण को कानून की नजर में कायम नहीं रखा जा सकता। विवाहित बेटियां भी अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र हैं।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



