
वायु प्रदूषण मानसिक स्वास्थ्य के लिए खतरनाक
तेजी से बढ़ते वायु प्रदूषण का असर श्वसन तंत्र या हृदय तक की सीमित नहीं रहा है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका बेहद घातक असर पड़ रहा है। एक नए अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार वायु प्रदूषण के संपर्क में आने से आत्महत्या के जोखिम, आत्महत्या के प्रयास और आत्मघाती विचारों में भी बढ़ोतरी हो सकती है।
एक हेल्थ जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार हवा में मौजूद कुछ खास प्रदूषक तत्वों का सीधा संबंध मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ने और आत्मघाती व्यवहार से होता है। हवा में मौजूद सल्फर डाइऑक्साइड, ओजोन और ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव से व्यक्ति में मानसिक अवसाद और आत्महत्या का जोखिम काफी बढ़ जाता है।
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वैज्ञानिकों के अनुसार वायु प्रदूषण के कारण प्रदूषक तत्व नाक और खून के जरिए मस्तिष्क में पहुंच कर सूजन व नसों को नुकसान पहुंचाते हैं। इसके अलावा वायु प्रदूषण के प्रभाव से मस्तिष्क की कार्य प्रणाली और मूड को नियंत्रित करने की क्षमता में कमी एवं मानसिक तनाव सहने की शक्ति कमजोर होने लगती है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



