
युवाओं और बच्चों में बढ़ रहा है फैटी लिवर का खतरा
भारत में बदलती जीवनशैली के साथ पेट और पाचन तंत्र से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं। एक अध्ययन के अनुसार देश में 38.6 प्रतिशत युवा और 35.4 प्रतिशत बच्चे फैटी लिवर से प्रभावित हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक फैटी लिवर का संबंध डायबिटीज, मोटापा और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं से भी है। अध्ययन में टाइप-2 डायबिटीज के हर चार मरीजों में से एक में गंभीर लिवर फाइब्रोसिस पाए जाने की बात सामने आई है।
एम्स के डॉक्टरों ने युवाओं में आंत के कैंसर के बढ़ते मामलों पर भी चिंता जताई है। वर्ष 2022 में भारत में पुरुषों में आंत के कैंसर के 40,430 और महिलाओं में 24,433 नए मामले सामने आए थे। विशेषज्ञों का कहना है कि मल में खून आना, मल त्याग की आदत में लगातार बदलाव या बिना वजह वजन कम होना जैसे लक्षणों को सामान्य पेट की समस्या मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और समय पर जांच करानी चाहिए।
बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर भी अध्ययन में चिंता जताई गई है। हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण के कारण बच्चों में एनीमिया और कुपोषण का खतरा बढ़ रहा है। इसके अलावा सीलिएक रोग और इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज के मामले भी सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पाचन तंत्र की इन बढ़ती बीमारियों पर चर्चा के लिए 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक भारत में होने वाली विश्व कांग्रेस ऑफ गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी में विशेषज्ञ जांच, एंडोस्कोपी और उपचार जैसे विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



