
बच्चों को बीमारियों से आजीवन सुरक्षा देता है मां का दूध
एक से सात अगस्त तक मनाए जा रहे विश्व स्तनपान सप्ताह के अवसर पर लेडी लॉयल हॉस्पिटल (महिला चिकित्सालय) के बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर योगेश दयाल ने स्वास्थ्य में स्तनपान के महत्व पर विशेष जानकारी साझा करते हुए कहा कि मां का दूध बच्चों को डायरिया, निमोनिया, डायबिटीज, अस्थमा, कैंसर और कुपोषण जैसी गंभीर बीमारियों से आजीवन सुरक्षा देता है।
उन्होंने बताया कि सामान्य प्रसव के एक घंटे के भीतर और ऑपरेशन के बाद मां को चाहिए कि वह बच्चे को अपना पहला गाढ़ा दूध अवश्य पिलाए। यह दूध बच्चे को आजीवन जानलेवा बीमारियों से बचाता है। साथ ही बच्चे के तेजी से शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।
डॉक्टर दयाल ने बताया कि शिशु को शुरुआती 6 महीने तक केवल मां का दूध ही देना चाहिए। हर दो-दो घंटे में बच्चों को स्तनपान कराना चाहिए। ऐसा करने से महिलाओं में स्तन कैंसर की संभावना न के बराबर होती है। इसके अलावा अपना दूध पिलाने से महिलाएं शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से अधिक मजबूती महसूस करती है।
डॉक्टर दयाल ने बताया कि जो कामकाजी माताएं अपने बच्चों को सीधे दूध नहीं पीला सकें, तो वह अपना दूध निकाल कर इस्तेमाल कर सकती हैं। यह दूध सामान्य तापमान पर 8 घंटे तक बाहर रखा जा सकता है, जबकि फ्रिज में 24 घंटे तक रखा जा सकता है। वहीं डीप फ्रीजर में मां का दूध एक महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



