
बकाया एवं पेंशन का भुगतान करें अधिकारी : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने अमान्य पाए गए अनुसूचित जनजाति के प्रमाणपत्र के आधार पर मुंबई नगर निगम में 30 साल नौकरी करके सेवानिवृत्त हुए जूनियर सिविल इंजीनियर को बड़ी राहत प्रदान की है।
न्यायमूर्ति अरविंद कुमार और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने कहा कि जाति प्रमाणपत्र अमान्य होने के बावजूद तीन दशक से भी अधिक की निर्बाध सेवा के बाद पेंशन पूरी तरह रोकना उचित नहीं होगा
कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह छह महीने में सेवानिवृत्त इंजीनियर शिरीष पंढरीनाथ पाटिल को सभी बकाये और पेंशन का भुगतान करें।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



