
एसएन में लेजर विधि से हो रहा है भगंदर व पाइल्स का ऑपरेशन
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में अब पाइल्स, फिस्टूला, फिशर, पाइलोनाइडल साइनस जैसी असहनीय दर्द देने वाली बीमारियों का केवल 20 मिनट में लेजर विधि से ऑपरेशन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में खून भी नाम मात्र का निकलता है और 24 घंटे में मरीज कामकाज करने के लिए तैयार भी हो जाता है।
एसएन मेडिकल कॉलेज में लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी शुरू होने से यह सुविधा देने वाला प्रदेश का पहला कॉलेज बन गया है। इसे भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद से भी मानता मिल गई है।
प्राचार्य डॉक्टर प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अभी तक कॉलेज में लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी की सुविधा नहीं थी। मरीजों का ओपन सर्जरी से ही इलाज किया जाता था। कॉलेज में लेजर प्रॉक्टोलॉजी सर्जरी की सुविधा निशुल्क है, जबकि निजी अस्पताल में इस पर 80 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक खर्चा आता है।
एसएन के सर्जरी विभाग के अध्यक्ष डॉक्टर राजेश गुप्ता ने बताया कि आराम पसंद जीवन शैली, अनियमित दिनचर्या और खानपान में लापरवाही के कारण पाइल्स, फिस्टूला, फिशर, पाइलोनाइडल साइनस के मरीजो की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इन रोगों के मरीजो को अब सर्जरी की सुविधा मिलेगी।
सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टर करन रावत ने बताया कि ओपन सर्जरी में 4 सेंटीमीटर तक घाव करके ऑपरेशन किया जाता है। इसमें 200 एमएल तक खून बहता है। मरीज को ठीक होने में काफी समय भी लगता है। जबकि लेजर विधि से 4 एमएम के जरिए किरणें घाव की गहराई तक पहुंचाते हैं। इससे संक्रमण और खराब ऊतकों को नष्ट किया जाता है।
डॉक्टर रावत ने बताया कि लेजर विधि से ऑपरेशन करने से दर्द कम होता है और मरीज 24 घंटे में अपने दैनिक कार्य करने लगता है। इस विधि से संक्रमण का खतरा नहीं होता। ड्रेसिंग भी बहुत आसान है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद द्वारा इस विधि से ऑपरेशन करने की अनुमति देने के बाद इसकी सफलता दर के लिए रिसर्च की अनुमति भी प्रदान कर दी गई है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



