
मध्य प्रदेश में पहली बार होगा सांपों का सर्वे
मध्य प्रदेश में सर्पदंश की घटनाओं को कम करने और लोगों को इससे बचाने के लिए व्यापक योजना के तहत पहली बार प्रदेश भर में सांपों का सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे के माध्यम से राज्य में सांपों की प्रजातियों, उनकी मौजूदगी और संख्या से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी। इसे सर्पदंश की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सर्वे के दौरान जंगल और सड़कों पर दिखाई देने वाले सांपों की तस्वीरें लेकर उनका स्थान दर्ज किया जाएगा। इसके बाद जीपीएस टैग वाली तस्वीर वैज्ञानिकों तक पहुंचाई जाएगी। इस कवायद को ‘स्नेक सेंसर’ कहा जा रहा है। इसमें सांपों की पारंपरिक गिनती के बजाय उनकी अलग-अलग प्रजातियों, मौजूदगी, संख्या के रुझान और प्राकृतिक व्यवहार को समझने का प्रयास किया जाएगा।
वनकर्मी और संबंधित टीमें सांपों की तस्वीरें और जरूरी जानकारी जुटाएंगी, जिससे विशेषज्ञों को प्रदेश में सांपों की स्थिति का वैज्ञानिक आकलन करने में मदद मिलेगी। इस सर्वे से सर्पदंश प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने और भविष्य में लोगों को सांपों से बचाने के लिए बेहतर रणनीति तैयार करने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



