
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में घोषणापत्र जारी
नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शनिवार 12 सितंबर को ब्रिक्स देशों ने दुनिया में एक पक्षीय रूप से छेड़े गए सभी युद्धों, आर्थिक प्रतिबंधों और एक तरफा टैरिफ की में कड़ी आलोचना की। साझा घोषणा पत्र में समूह ने पहलगाम आतंकी हमले की निंदा करते हुए आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता पर सहमति जताई।
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग समेत सभी सदस्य देशों के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में घोषणापत्र मंजूर किए जाने का एलान किया। साझा घोषणापत्र में कहा गया है कि हम एकतरफा टैरिफ व नॉन टैरिफ उपायों के बढ़ने पर गंभीर चिंता जताते हैं क्योंकि यह व्यापार को बिगाड़ते हैं और विश्व व्यापार संगठन के नियमों के अनुरूप नहीं हैं। हम अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ जबरन थोपे गए उपायों को लागू करने की निंदा करते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक व्यवस्था में बड़े बदलाव की बात करते हुए कहा कि जो देश वैश्विक आर्थिक विकास के चालक हैं उन्हें इसे आकार देने में भी उचित भूमिका मिलनी चाहिए। दुनिया के भविष्य के नियम तय करने में हर देश की बराबर भूमिका होनी चाहिए। मोदी ने मौजूदा वैश्विक व्यवस्था को विशेषाधिकार का पिरामिड बताते हुए इसे साझेदारी का मंच बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक शासन व्यवस्था में शक्ति व निर्णय लेने की क्षमता शीर्ष पर केंद्रित है, जबकि निचले पायदान पर वे देश हैं जो इन फैसलों से प्रभावित होते हैं, लेकिन उन्हें आकार नहीं दे पाते।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



