
फुटपाथ पर पैदल चलना नागरिक का मौलिक अधिकार : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति पीएस नरसिम्हा और न्यायमूर्ति आलोक अराधे की पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि फुटपाथ मानव जीवन का अभिन्न हिस्सा है और सड़कों पर पैदल चलने वालों के लिए सुरक्षित एवं स्पष्ट रूप से चिह्नित जगह होना जरूरी है।
कोर्ट ने कहा कि जहां सड़क है वहां पैदल चलने वाले यात्रियों के लिए अतिक्रमण मुक्त अलग और सुरक्षित जगह होनी चाहिए। चिह्नित फुटपाथ पर चलना नागरिक का मौलिक अधिकार है। फुटपाथ पर पैदल चलने वालों का अधिकार मोटर वाहनों की आवाजाही से ऊपर है।
सुप्रीम कोर्ट के 19 जून 2026 के फैसले में कहा गया था कि चिह्नित फुटपाथ पर चलना भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19 (1)(डी) के तहत आवागमन के अधिकार और अनुच्छेद 21 के तहत जीवन एवं व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।
कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पक्षकार बनाते हुए केंद्र के निर्देशों के अनुपालन पर जवाब मांगा।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



