
ट्रेन दुर्घटना के पीड़ित यात्री मुआवजा पाने के हकदार
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस संजय करोल और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा कि ट्रेन दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्री के शव के पास टिकट न मिलने का मतलब ये नहीं है कि उसके परिवार को मुआवजा देने से मना कर दिया जाए।
पीठ ने कहा कि रेलवे अधिनियम एक कल्याणकारी कानून है। इसकी व्याख्या उदार और उद्देश्यपूर्ण होनी चाहिए। इस अधिनियम की धारा 124 ए का उद्देश्य ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को तुरंत मुआवजा देना है। इसके लिए लापरवाही सिद्ध करने की ज़रूरत नहीं है।
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Source: न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी



