
खट्टी डकार व एसिडिटी से हो सकता है अस्थमा व श्वास रोग
पेट का लगातार खराब बने रहना, खट्टी डकारें आना और साथ में एसिडिटी भी होना सामान्य बीमारी नहीं है, बल्कि ये लक्षण अस्थमा और श्वास रोग का कारण भी बन सकते हैं। ऐसी स्थिति में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए और पेट रोग विशेषज्ञ से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के पेट रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सौरभ बंसल ने बताया कि गेस्ट्रो-पल्मोनरी पाचन तंत्र और फेफड़े व श्वसन तंत्र से जुड़ी हुई बीमारी है। पेट और फेफड़ों की नली पास होती है, इसलिए पेट में लंबे समय तक अधिक एसिड बनने से कई बार यह गले तक आ जाता है।
डॉक्टर बंसल ने बताया कि सोते समय यह एसिड सांस नली तक पहुंच जाता है। इसकी वजह से फेफड़ों में जलन और सूजन की दिक्कत होने से अस्थमा और श्वास रोग की परेशानी हो सकती है। मेडिकल की भाषा में इसे गैस्ट्रो एसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज (जीईआरडी) कहा जाता है।
डॉक्टर बंसल में बताया कि इस बीमारी के कारण भोजन की नली में संक्रमण का भी खतरा बना रहता है। पेट रोग के 20 फीसद मरीजों में इस तरह की दिक्कत देखने को मिल रही है। रोग से बचने के लिए एक बार में एक साथ ज्यादा ना खाएं, बल्कि तीन-चार बार में थोड़ा-थोड़ा करके खाएं। भोजन के बाद लेटने और बैठने से बचना चाहिए। भोजन में हरी सब्जी, सलाद, फल, मोटे अनाज का अधिक से अधिक उपयोग करें। साथ ही विशेष रूप से शाम को फास्ट फूड और तले हुए भोजन से बचें।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



