
अधिकारी की फटकार आत्महत्या के लिए उकसाना नहीं : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन कोटिश्वर सिंह की पीठ ने कहा है कि किसी वरिष्ठ अधिकारी की फटकार, अनुशासनात्मक कार्यवाही, प्रतिकूल टिप्पणी या कठोर व्यवहार मात्र से अधीनस्थ अधिकारी की आत्महत्या के लिए उकसाने का अपराध नहीं बनता है।
पीठ ने स्पष्ट किया कि इसके लिए यह दिखाना जरूरी है कि आरोपी की ऐसी मंशा थी कि वह अधीनस्थ को आत्महत्या के लिए प्रेरित या मजबूर करे और आत्महत्या से पहले उसने कोई उकसाने वाला काम किया हो।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



