
सीजेपी प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर रद्द : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के नेतृत्व में हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर रद्द करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि 20 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लिया जाए। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रदर्शनकारियों का आपराधिक रिकॉर्ड है, उन्हें इसका लाभ नहीं मिलेगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस मनोज मिश्रा की पीठ ने सरकार के अनुरोध पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई हटाने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इसके लिए उन्हें अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई का सामना नहीं करना चाहिए। हालांकि, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों के मामलों पर यह आदेश लागू नहीं होगा।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने मामले में केंद्र और संबंधित पक्षों को निर्देश दिए कि आदेश का पालन सुनिश्चित किया जाए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों की गिरफ्तारी और एफआईआर को लेकर उठे विवाद के बीच कोर्ट के इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीजेपी ने राष्ट्रीय राजधानी में 5 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च वापस लेने की घोषणा की है।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



