
बेटे को फ्लैट से बेदखल कर लगाया पांच लाख जुर्माना
बॉम्बे हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति एएस गडकरी और न्यायमूर्ति कमल खाता की पीठ ने 78 वर्षीय सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी को बड़ी राहत देते हुए उनके बेटे की उस कोशिश को खारिज कर दिया, जिसमें पिता को मानसिक रूप से बीमार बताकर फ्लैट पर कब्जा करने का प्रयास किया गया था। कोर्ट ने बेटे को पिता के फ्लैट से बेदखल करने का आदेश देते हुए उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अदालत ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य कानून का इस्तेमाल किसी बुजुर्ग को परेशान करने या संपत्ति विवाद में दबाव बनाने के लिए नहीं किया जा सकता। मामला पैतृक संपत्ति के बंटवारे को लेकर वर्ष 2015 में शुरू हुआ था। इसके बाद 54 वर्षीय बेटे ने पिता की मानसिक स्थिति पर सवाल उठाते हुए अदालत में उनकी जांच की मांग की। बेटे ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए पिता को डायबिटीज और हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित बताया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने माना कि जांच की मांग उस समय की गई, जब पिता संपत्ति विवाद में राहत पाने की कानूनी प्रक्रिया में थे। कोर्ट ने बेटे के रवैये को पिता पर दबाव बनाने का प्रयास माना।
हाईकोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग पिता को परेशान करने के लिए मेंटल हेल्थ कानून को हथियार नहीं बनाया जा सकता। सुनवाई के दौरान बेटे ने सौतेली मां पर भी आरोप लगाए थे और पिता की मानसिक क्षमता पर सवाल उठाए थे, लेकिन हाईकोर्ट ने इन दावों को पर्याप्त आधार नहीं माना। कोर्ट ने बेटे की याचिका खारिज करते हुए उसे पिता के प्लॉट से हटाने और 5 लाख रुपये की राशि पिता को देने का आदेश दिया।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



