डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं

ADVERTISEMENT
Digital Chacha Advertisement

इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने कहा कि नदी में डूबने से मौत होने पर फेफड़ों में पानी मिलना जरूरी नहीं है। कुछ मामलों में डूबने पर पानी के गले में प्रवेश करते ही दबाव से सांस नली बंद हो जाती है और दम घुटने लगता है। इसके कारण व्यक्ति की मौत हो सकती है।
‌ कोर्ट ने यह टिप्पणी करते हुए इस मामले में सास और ससुर को जमानत दे दी। बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया था कि महिला ने खुद ही नदी में छलांग लगाई थी। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर को फेफड़ों में पानी नहीं मिला था। मौत का कारण दम घुटना बताया गया था।
Please click watch subscribe & share our YouTube Channel ‘Newsline Nation’ for important Court’s Orders with useful News & Views:

कोर्ट ने मेडिकल ज्युरिसप्रूडेंस की कई पुस्तकों का अध्ययन किया। इसमें बताया गया कि शुष्क डूबने में पानी फेफड़ा में नहीं जाता है। पानी नाक या गले तक पहुंचने से गले में ऐंठन हो सकती है। इससे दम घुटने के कारण मौत हो सकती है। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों को देखते हुए दोनों को जमानत दे दी।

Source: Newsline Features And Press Agency, Agra

ADVERTISEMENT
Advertisement

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *