
नुकीले दांत से भी हो सकता है मुंह का कैंसर
तंबाकू गुटखा और पान मसाला के खाने से मुंह में कैंसर की संभावना रहती है, लेकिन मुंह में लगाकर चुभता हुआ या रगड़ता हुआ नुकीला दांत भी कैंसर के खतरे को बढ़ा सकता है। इसी तरह ठीक से फिट न होने वाला डेंचर या इनप्लांट के बाद जीभ और गाल से लगातार होने वाला घर्षण भी मुंह के कैंसर का कारण हो सकता है।
दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान विज्ञान संस्थान के पूर्व कैंसर रोग विभाग अध्यक्ष डॉक्टर एसवीएस देव के अनुसार मुंह के कैंसर के लिए तंबाकू बड़ा जोखिम कारक है, लेकिन इसे एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता। मुंह में लगातार होने वाला दांतों का घर्षण भी समस्या पैदा कर सकता है। खराब या नुकीले दांत, ठीक से फिट न होने वाला डेंचर और इनप्लांट के बाद जीभ और गाल से बार-बार टकराने वाला दांत चोट का कारण बन सकता है।
उन्होंने बताया कि यदि कोई छाला लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है या सफेद अथवा लाल धब्बा बना हुआ है तो उसे नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे मामलों में चिकित्सक से और जांच जरूर पड़ने पर बायोप्सी कराना आवश्यक हो सकता है। मुंह के कैंसर से बचने के लिए तंबाकू उत्पादों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। साथ ही दांतों के डाॅक्टर से नियमित चेकअप कराना चाहिए।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



