पति-पत्नी का अलग कमरों में रहना क्रूरता नहीं हाईकोर्ट:

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कर्नाटक हाई कोर्ट के जस्टिस डीके सिंह और जस्टिस एच शांति भूषण की पीठ ने एक महत्वपूर्ण निर्णय में कहा कि पति-पत्नी का एक ही घर में अलग-अलग कमरों में रहना अपने आप में वैवाहिक क्रूरता नहीं है।
‌ कोर्ट ने कहा कि केवल अलग कमरों में रहना क्रूरता नहीं है, लेकिन जब इसके साथ-साथ लगातार झगड़ा, मानसिक प्रताड़ना और आपसी विश्वास का टूटना जैसी कई बातें लंबे समय तक जुड़ती रहती हैं तो उन सभी का मिला-जुला असर वैवाहिक क्रूरता को साबित कर देता है।

Source: Newsline Features And Press Agency, Agra

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