
एनालॉग डेयरी उत्पादों की बिक्री और मिलावट पर होगी कार्रवाई
शासन द्वारा प्रदेश में एनालॉग डेयरी प्रोडेक्ट का विक्रय पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। किसी भी विक्रेता द्वारा एनालॉग डेयरी प्रोडेक्ट की बिक्री किए जाने पर उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराए जाने का प्रावधान है। सभी खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को एफएसएसएआई की वेबसाइट पर वर्णित शेड्यूल 4 में दिए गए नियमों व मानकों का अनुपालन करना होगा। खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
यह कहना है सहायक आयुक्त खाद्य-2 महेन्द्र कुमार श्रीवास्तव का। सहायक आयुक्त बुधवार 19 अगस्त को आगरा के जीवनी मंडी स्थित नेशनल चैम्बर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स के सभागार में व्यापारियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मिठाई में लगने वाले मैटेरियल की शुद्धता व गुणवत्ता का पूर्णतः ध्यान रखा जाना चाहिए क्योंकि खाद्य पदार्थों में मिलावट किसी व्यक्ति के स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हो सकती है।
बैठक में सहायक आयुक्त एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा खाद्य पदार्थों में मिलाए जाने वाले कलर की मात्रा और क्वालिटी के बारे में सदस्यों का ज्ञानवर्धन किया गया। उन्होंने कहा कि खाद्य विक्रेताओं को खाद्य विभाग द्वारा जारी चेकलिस्ट व पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखना चाहिए। खाद्य पदार्थ का निर्माण खुले व गंदगी जैसे स्थान पर न करके प्रोपर किचिन की व्यव्स्था की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों के निर्माण परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने तथा कार्यरत कर्मचारियों का समय-समय पर मेडिकल चेकअप का प्रमाण पत्र प्राप्त करने की आवश्यकता है। बैठक की अध्यक्षता करते हुए चैम्बर अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि चैम्बर द्वारा ओडीओसी में आगरा की सुप्रसिद्ध बेड़ई को शामिल करने के लिए प्रस्ताव उद्योग निदेशक कानपुर को भेज दिया गया है।
बैठक में खाद्य सुरक्षा अधिकारी रविंद सिंह परमार, राकेश यादव, सुरेन्द्र चौरसिया, श्वेता चक्रवर्ती, अंबा प्रसाद गर्ग, विकास चतुर्वेदी, राजकुमार भगत आदि मौजूद रहे। बैठक के समापन पर धन्यवाद ज्ञापन पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल द्वारा किया गया।
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



