
कर्मचारी की मृत्यु से समाप्त नहीं होता नियमितीकरण का अधिकार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ के जस्टिस इंद्रजीत शुक्ल की एकल पीठ ने कहा कि यदि कोई कर्मचारी लंबे समय तक सेवा देने के बाद नियमितीकरण के लिए पात्र हो गया था, तो उसकी मृत्य के बाद भी नियमितीकरण के दावे पर विचार किया जा सकता है। पीठ ने कहा कि कर्मचारी की मृत्यु से यह अधिकार समाप्त नहीं होता, बल्कि उसके कानूनी उत्तराधिकारी को प्राप्त होता है।
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Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



