
आपराधिक मामले नहीं तो छात्रों को रिहा करें : सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वे नीट पेपर लीक मामले में विरोध प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार या हिरासत में लिए गए 18 वर्ष से कम उम्र के ऐसे सभी छात्रों को रिहा करें, जिन पर आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं।
कोर्ट ने कहा कि अभी छात्रों पर कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाए और विरोध प्रदर्शन से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक सबूत सुरक्षित रखे जाएं। साथ ही, प्रदर्शनकारियों का कोई भी निजी या डिजिटल डाटा सार्वजनिक नहीं किया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने इस मामले में केंद्र सरकार, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल, केरल, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश के मुख्य सचिवों को हलफनामा देने का निर्देश दिया।
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन संविधान प्रदत्त अधिकार है। पुलिस के लिए नए दिशा निर्देश जरूरी हैं। पीठ ने कहा कि छात्रों पर पैलेट गन जैसे हथियार के इस्तेमाल के आरोप गंभीर हैं। जांच के लिए स्वतंत्र विशेष जांच दल का गठन किया जा सकता है। आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच होनी चाहिए
Source: Newsline Features And Press Agency, Agra



