लिवर की बीमारी में रखें खास ध्यान, करें परहेज़

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फास्ट फूड, कोल्डड्रिंक, शराब और तला भोजन लिवर की बीमारियों का कारण बन रहा है। स्थिति यह है कि हर तीन युवाओं में से 2 का लिवर फैटी मिल रहा है। इसके कारण लिवर में सूजन के साथ-साथ घाव भी बन रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर सौरभ बंसल ने बताया कि ओपीडी में रोजाना 70 से 80 मरीज आ रहे हैं। इनमें से लिवर की बीमारी के 35 से 40 मरीज हैं। इसमें 70 से 75 प्रतिशत मरीजों का लिवर फैटी है। जबकि 50 से 60 प्रतिशत मरीज का वजन ज्यादा होता है। यह लोग दिन में एक बार फास्ट फूड, कोल्डड्रिंक और तले भोजन का सेवन करते हैं। डिब्बा बंद और फास्ट फूड में मौजूद कई तरह के रसायन लिवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के ही गेस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉक्टर राघव सिंघल ने बताया कि 15 प्रतिशत मरीजों में लिवर एप्सिस, लिवर सिरोसिस, लिवर हेपेटाइटिस की बीमारी देखने को मिल रही है। इससे लीवर में घाव बन रहे हैं। जिससे लिवर की कार्य क्षमता कम हो रही है। इसकी वजह शराब पीना है। डायबिटीज और मोटापा भी लिवर को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
एसएन मेडिकल कॉलेज के गैस्ट्रो सर्जन डॉक्टर अभिषेक अरोड़ा ने बताया कि लिवर की बीमारी होने पर आंखें, त्वचा और मूत्र का रंग गहरा पीला हो जाता है। पेट में सूजन व दर्द रहने के साथ-साथ पेट का आकार बढ़ने लगता है। त्वचा पर बिना दाने की खुजलाहट और चकत्ते होने लगते हैं। मरीज हर वक्त कमजोरी और थकान महसूस करता है। भूख न लगने, उल्टी आने, नींद अधिक आने और याददाश्त में कमी होने जैसे लक्षण भी प्रकट होने लगते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार लिवर की बीमारी से बचने के लिए फास्ट फूड, डिब्बा बंद भोजन, कोल्डड्रिंक, तेज मिर्च मसालेदार और तले खाद्य पदार्थ, शराब आदि का सेवन तत्काल बंद कर देना चाहिए। वजन को बढ़ने नहीं देना चाहिए। अगर डायबिटीज है तो उसे कंट्रोल में रखें। प्रतिदिन सुबह शाम 30-30 मिनट तेज गति से टहलने, चीनी एवं नमक का प्रयोग कम करने, हेपेटाइटिस बी का टीका लगवाने, फल, सलाद, हरी सब्जी और मोटे अनाज सहित फाइबर युक्त भोजन का सेवन करने से लिवर की बीमारियों से बचा जा सकता है।

Source: न्यूज़लाइन फीचर्स एंड प्रेस एजेंसी

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