
सेवा काल में दिव्यांग हुए कर्मचारी को नहीं हटा सकते
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने एक महत्वपूर्ण आदेश में कहा है कि अगर कोई सरकारी कर्मचारी सेवा के दौरान दिव्यांग हो जाता है तो उसे नौकरी से नहीं हटाया जा सकता, बल्कि उसे समान वेतन और सेवा लाभ के साथ किसी अन्य पोस्ट पर नियुक्त किया जाना चाहिए। ऐसा पद उपलब्ध नहीं होने पर उसके लिए अतिरिक्त पद सृजित किया जा सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिव्यांगजन अधिकार कानून 1995 की धारा 47 का उद्देश्य दिव्यांग कर्मचारियों को समान अवसर और सेवा सुरक्षा प्रदान करना है।
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